मेरे गाँव की आज़ादी की कहानी
Teachers of Bihar Freedom Story Campaign 2026
इस स्वतंत्रता दिवस सिर्फ़ तिरंगा न फहराएँ… अपने गाँव की आज़ादी की कहानी भी खोजें!
- क्या आपके गाँव, शहर या मोहल्ले में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कोई अनकही कहानी है?
- क्या आपके क्षेत्र का कोई स्वतंत्रता सेनानी, शहीद या आंदोलनकारी इतिहास के पन्नों में दर्ज होने से रह गया है?
इस 15 अगस्त आइए, हम शिक्षक अपने-अपने गाँव/शहर की मिट्टी से आज़ादी की एक कहानी खोजें, उसे लिखें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करें।
आप क्या कर सकते हैं?
➡️ अपने गाँव/शहर के किसी स्वतंत्रता सेनानी या स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी घटना की जानकारी जुटाएँ।
➡️ अपने गाँव के बुजुर्गों से बातचीत करें और उनकी यादों को दर्ज करें।
➡️ पुराने फोटो, दस्तावेज़, प्रमाण-पत्र, ताम्रपत्र या अन्य उपलब्ध साक्ष्य जुटाएँ।
➡️ उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर अपनी कहानी तैयार करें।
➡️ अपनी कहानी Teachers of Bihar को भेजें।
⭐ विशेष अवसर
जिन कहानियों के साथ उचित एवं विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध होंगे—जैसे जिला कार्यालय से प्राप्त ताम्रपत्र, प्रमाण-पत्र, सरकारी अभिलेख, पुराने दस्तावेज़, प्रमाणित अभिलेख या अन्य विश्वसनीय साक्ष्य—उन कहानियों को विशेष रूप से चिन्हित किया जाएगा।
ऐसी प्रमाणित/प्रामाणिक कहानियों को आवश्यक प्रक्रिया एवं पात्रता के अनुसार संस्कृति मंत्रालय के Digital District Repository (DDR) पर भी प्रकाशित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आपके गाँव के स्वतंत्रता संग्राम की कहानी राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल इतिहास का हिस्सा बन सके।
- अभियान का शुभारंभ: 15 अगस्त 2026
- कहानी भेजने की अंतिम तिथि: 25 अगस्त 2026
- समीक्षा एवं चयन: 26–29 अगस्त
- चयनित कहानियों का प्रकाशन: 30 अगस्त 2026
उत्कृष्ट कहानियों के लेखकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
❤️ एक शिक्षक = एक कहानी
एक गाँव = एक इतिहास
एक प्रमाणित कहानी = आने वाली पीढ़ियों की विरासत
आइए, इस 15 अगस्त अपने गाँव-शहर जाएँ, बुजुर्गों से बात करें, इतिहास के पन्ने पलटें और अपने क्षेत्र की आज़ादी की एक अनकही कहानी खोजकर सामने लाएँ।
कहानी भेजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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