Rakhshan Hashmi (रखशां हाशमी )
ID: 06455f7f5767मेरे गाँव की आजादी की कहानी
- Gender: 👩 Female
- Class / Role: 👩🏫 Teacher
- School: 🏫 P.S.DUMRI (पी.एस.डुमरी )
- District & Block: 📍 GAYA, --Select Block--
- Applied Category: 📝 Teacher
Rejected
Under: Judge's Choice
गांव की वीर गाथा
मेरे गांव की आजादी की कहानी का कहना ही क्या
गांव के पुराने जमाने के लोगों ने अपनी आंखों से आजादी के सभी आंदोलन में भाग लिया।
दर्द देखा दुःख देखे यातनाएं सहीं
देश में कई तरह के हालात देखे
मेरे दादा बताते हैं कि उस वक़्त का माहौल बड़ा अजीब सा लगता था
आजादी के जियाले आजाद फिज़ा में सांस लेने के लिए तैयार हो रहे थे आशाओं के बादल झूम झूम कर गा रहे थे। वे सोच रहे थे कि कब खुले आसमान में उडेंगे हम.........
राम सिंह शेर खान कहते हैं
दो बदन एक जान कहते हैं।
हम जो बैठे हैं आज मिल जुल कर
इसको हिंदुस्तान कहते हैं
रखशां हाशमी
हेड मास्टर
Remarks
कहानी निर्धारित प्रारूप के अनुरूप नहीं है। कृपया वेबसाइट पर दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक संशोधन कर पुनः सबमिट करें। संशोधित प्रविष्टि अगले अंक के लिए विचारार्थ स्वीकार की जाएगी।"
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