Description :
बच्चे असफल कैसे होते हैं
लेखक: जॉन हॉल्ट (John Holt)
"बच्चे असफल कैसे होते हैं" शिक्षा जगत की सबसे प्रभावशाली पुस्तकों में से एक है। प्रसिद्ध शिक्षाविद् जॉन हॉल्ट ने अपने वर्षों के कक्षा-अनुभव के आधार पर यह बताया है कि बच्चे जन्म से जिज्ञासु, रचनात्मक और सीखने के इच्छुक होते हैं, लेकिन पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण, भय, तुलना और अंक आधारित मूल्यांकन धीरे-धीरे उनके सीखने के स्वाभाविक उत्साह को कम कर देते हैं। यह पुस्तक इस प्रश्न का उत्तर खोजती है कि बच्चे वास्तव में क्यों असफल होते हैं? जॉन हॉल्ट का तर्क है कि अधिकांश बच्चे बुद्धि की कमी के कारण नहीं, बल्कि असफल होने के डर, गलत उत्तर देने की चिंता, शिक्षकों और अभिभावकों की अपेक्षाओं के दबाव तथा विद्यालयी वातावरण के कारण अपनी वास्तविक क्षमता का उपयोग नहीं कर पाते। (
पुस्तक में अनेक वास्तविक कक्षा-प्रसंगों के माध्यम से यह दिखाया गया है कि बच्चे सीखने के बजाय केवल "सही उत्तर" देने की रणनीतियाँ अपनाने लगते हैं। लेखक यह भी बताते हैं कि यदि बच्चों को सुरक्षित, भरोसेमंद और खोजपरक वातावरण मिले, तो वे अधिक गहराई से, आनंदपूर्वक और स्थायी रूप से सीखते हैं।
यह पुस्तक किनके लिए उपयोगी है?
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शिक्षक एवं शिक्षक-प्रशिक्षक
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विद्यालय प्रमुख
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अभिभावक
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शिक्षा नीति निर्माता
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बी.एड./डी.एल.एड. के विद्यार्थी
बाल शिक्षा और मनोविज्ञान में रुचि रखने वाले सभी पाठक
मुख्य संदेश:
"बच्चे सीखना नहीं छोड़ते, बल्कि वे उस व्यवस्था से डरने लगते हैं जो सीखने को केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित कर देती है।"
यह पुस्तक प्रत्येक शिक्षक और अभिभावक को बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को नए दृष्टिकोण से समझने तथा भय-मुक्त, बाल-केंद्रित और अर्थपूर्ण शिक्षा के निर्माण की प्रेरणा देती है।
