प्रकृति प्रहरी -अप्रैल-जून 2026
“प्रकृति प्रहरी” एक त्रैमासिक ई-शैक्षिक पत्रिका है, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टीम प्रकृति प्रहरी,टीचर्स ऑफ़ बिहार के ऊर्जावान सदस्यों द्वारा तैयार किया गया हैं। यह पत्रिका पुरे बिहार में शिक्षकों , विद्यालयों, छात्र छात्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे है साकारात्मक प्रयासों को सबके सामने लाने और एक मंच देने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं, ताकि अन्य नागरिक भी उनसे प्रेरणा लेकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और उसे व्यवहार में उतारें। इस अंक में “बिहार में गौरैया का महत्व एवं संरक्षण”, “पेड़-पौधों की दुनिया”, “इको क्लब फॉर मिशन लाइफ” जैसी गतिविधियाँ और “वस्तुओं के पुनर्चक्रण पर बच्चों के प्रयास” जैसी प्रेरणादायक कहानियाँ शामिल हैं।
पत्रिका में पर्यावरण नायकों की कहानियाँ, प्लास्टिक उपयोग को रोकने के प्रयास, एवं बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे है कुछ महत्वपूर्ण योजना जिसका लाभ उठाकर आम जनमानस पर्यावरण के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकता हैं, जैसे लेख तथा पर्यावरण पर कविताएँ विद्यार्थियों को संवेदनशील और जागरूक बनाती हैं। इसके माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति प्रेम का विकास होता है। प्रकृति प्रहरी एक पत्रिका न होकर सतत् रूप से चलने वाला एक अभियान है जहां हर इंसान प्रकृति के प्रहरी बनकर इसकी रक्षा करने का संकल्प लें।
यह पत्रिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आंदोलन की तरह है, जहां एक व्यक्ति का कार्य स्वयं तक सीमित न रहकर अन्य प्राणियों के जीवन की बेहतर बनाने के बारे में भी सोचने के लिए हमें प्रेरित करती है।
आइए, हम सभी मिलकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पेड़ लगाना, पानी बचाना और प्लास्टिक का कम उपयोग करना, बड़े बदलाव ला सकते हैं। आज का जागरूक छात्र ही कल का जिम्मेदार नागरिक बनेगा। “प्रकृति प्रहरी” बनकर हम अपने बिहार को हराभरा और स्वच्छ बना सकते हैं।
