Om Prakash Singh (ओम प्रकाश सिंह )
ID: 3a73c04fbfe2शिक्षा के गुमनाम नायक
- Gender: 👨 Male
- Class / Role: 🎓 Class 6
- School: 🏫 G.M.S. KESARIYA KANYA (राजकीय मध्य विद्यालय केसरिया कन्या )
- District & Block: 📍 PURBA CHAMPARAN, KESARIA
- Applied Category: 📝 स्वयं शिक्षक
स्नातक ग्रेड विशिष्ट शिक्षक
मै ओम प्रकाश सिंह, स्नातक ग्रेड विशिष्ट शिक्षक ( टीईटी उत्तीर्ण - 2011 ) वर्ष 2013 से राजकीय मध्य विद्यालय केसरिया कन्या पूर्वी चंपारण में पदस्थापित हूं।
चूंकि मैं शिक्षक पुत्र हूं। इसलिए बचपन से ही शिक्षक बनकर अद्वितीय व अनोखे अंदाज में सेवा देना हमारी इच्छा थी। जहां सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों में नकारात्मक भावना भरी होती है। वहीं, हमें शिक्षण कार्य करते हुए कुछ अलग क्रिया-कलापों से आम जनों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास व सकारात्मक अवधारणा जागृत करने की ज़िद थी। सबसे पहले बच्चों का विद्यालय में ठहराव हो इसके लिए खेल खेलाना शुरू किया। धीरे-धीरे मध्यांतर के पूर्व पढाई और मध्यांतर के बाद खेल से बच्चों की उपस्थिति व ठहराव भी होने लगा। पुनः ड्रेस के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने से विद्यालय सुंदर दिखने लगा। बच्चों का स्म्राटनेश बढ़ाने के लिए शुरुआती दौर में अपने खर्चे से टाई -बेल्ट- आई कार्ड बनवाकर दिया। ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब परिवार के बच्चे अपने को नीजि विद्यालय के विद्यार्थियों कम न सभझे। हालांकि विद्यालय की बदलती तस्वीर से प्राईवेट स्कूली प्रबंधन की नाराज़गी और छींटाकशी भी सहना पड़ा।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर स्वयं बच्चों का नाखून कटिंग, बाल कटिंग, दांतों की सफाई, अपने खर्चे से ब्रश - जिभिआ -पेस्ट वितरण तथा अपने ही हाथों से साबुन लगा कर नहलाया करता हूं। साथ दिव्यांग बच्चों को अपने हाथों भोजन कराना शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पक्षियों के लिए प्याऊ, दान -पात्र व घोंसले बना कर लटकाया जाता है।
इतना ही नहीं, हमारे विद्यालय के छत्र - छात्राओं व गरीब अभिभावकों के सहायतार्थ महात्मा गांधी वस्त्र वितरण बैंक बनाया। जिसके माध्यम से अपने खर्चे से गंजी, शर्ट,पैंट, टोपी,मफलर, चादर, कंबल, जैकेट, स्वेटर आदि गर्म कपड़े वितरित किया जाता है। हालांकि आगे चलकर इस कार्य में कुछ लोगों ने डोनेट भी किया।
ग़रीब बच्चों को आर्थिक सहायतार्थ महात्मा बुद्ध सहायता कोष भी बनाया गया। जिसमें अपनी कमाई का कुछ हिस्सा रखकर समय - समय पर सहयोग किया जाता है।
बैगलेश-डे शनिवार को त्योहार व मौसम अनुकूल सावन की मनभावन मेंहदी , मिट्टी का दीया, दूर्गा वध, दही हांडी फोड़ो प्रतियोगिता, लाठी व तलवार बाजी प्रशिक्षण, 'आओ मिलकर राखी बनाएं - अपनी बात पीएम तक पहुंचाएं' ' आदि नवाचार किए गए। राखी बनाकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, डीएम,डीएम सहित अन्य अधिकारीयों को भेजकर राखी बांधने की रस्म में संसाधन युक्त विद्यालय बनाने की मांग की गई है। जो काफी सुर्खियां बटोर रही है।
कोरोना काल में मोबाइल से व्हाट्स अप ग्रुप बनाकर बच्चों को सफलतापूर्वक पढ़ाने के कारण वर्ष -2022 में जिला प्रशासन पूर्वी चंपारण द्वारा प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो व अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। इस सफल तकनीकी नवाचार के रिसर्च के लिए आई आई एम अहमदाबाद की टीम द्वारा विद्यालय आकर भी नजदीक से समझा गया और सराहा गया।
विद्यालय में सराहनीय विकास के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्वी चंपारण द्वारा वर्ष-2023 में मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र व अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग बिहार सरकार के आदेशानुसार वर्ष - 2023 में ही शिक्षक दिवस पर जिला पदाधिकारी द्वारा मोमेंटो प्रशस्ति पत्र व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा ख्वाब फाउंडेशन द्वारा जयपुर ( राजस्थान) में वर्ष - 2024 में मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र व अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
साथ ही टीबटी फेसबुक मंच ( मेरा मोबाइल - मेरी शिक्षा) द्वारा लगातार वर्ष -2024, वर्ष -2025 और वर्ष -2026 में भी मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
केसरिया महोत्सव में भी जिला प्रशासन पूर्वी चंपारण द्वारा वर्ष - 2023 व 2025 में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।
अभी हाल ही में अंबेडकर जन कल्याण संस्थान पूर्वी चंपारण द्वारा चंपारण सामाजिक चेतना अंबेडकर पुरस्कार - 2026 से मोमेंटो प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।