Vivek Kumar Nayak (विवेक कुमार नायक )
ID: ddd13643575e

NMMSS 2025–26 के सितारे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

  • Gender: 👨 Male
  • Class / Role: 👩‍🏫 Teacher
  • School: 🏫 Utkramit Madhya Vidyalay Kusum Brahanda (उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुसुम ब्रहण्डा )
  • District & Block: 📍 SAMASTIPUR, DALSINGHSARAI
  • Applied Category: 📝 Teachers
असंभव" को "संभव" बनाने की कहानी – NMMSS में 100% परिणाम

हमारी सफलता, हमारी पहचान 


NMMSS परीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता की प्रेरणादायक यात्रा

"सपने तभी साकार होते हैं, जब उन पर विश्वास करने वाला एक शिक्षक और उन्हें पूरा करने का साहस रखने वाले विद्यार्थी साथ हों।"


मैं, विवेक कुमार नायक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कुसुम ब्रहण्डा, प्रखंड–दलसिंहसराय, जिला–समस्तीपुर में शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मैंने राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) परीक्षा के लिए पाँच विद्यार्थियों—गुलनाज प्रवीण, प्रियंका कुमारी, वसीम राजा, जीनत प्रवीण एवं प्रशांत कुमार—का चयन किया। मेरा उद्देश्य केवल उन्हें परीक्षा में शामिल कराना नहीं था, बल्कि उनकी प्रतिभा को एक नई पहचान दिलाना था।


इस कार्य की शुरुआत आसान नहीं थी। जब मैंने विद्यार्थियों को NMMSS के लिए तैयार करने का निर्णय लिया, तब कुछ लोगों ने इसे असंभव बताया। कुछ शिक्षकों ने भी मुझे हतोत्साहित करते हुए कहा कि "सरकारी विद्यालयों के बच्चे ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कहाँ सफल हो पाते हैं?" कुछ लोगों का मानना था कि ऐसे परिणाम केवल बड़े निजी विद्यालयों के छात्र ही ला सकते हैं। लेकिन मुझे अपने विद्यार्थियों की क्षमता और उनकी मेहनत पर अटूट विश्वास था। मैंने इन बातों को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और पूरे समर्पण के साथ तैयारी आरम्भ कर दी।


विद्यालय समय के अतिरिक्त नियमित विशेष कक्षाएँ संचालित की गईं। विद्यार्थियों को मानसिक योग्यता परीक्षण (MAT) एवं शैक्षणिक योग्यता परीक्षण (SAT) के प्रश्नों का गहन अभ्यास कराया गया। प्रतिदिन पुनरावृत्ति, साप्ताहिक मूल्यांकन, मॉडल टेस्ट तथा व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से उनकी तैयारी को निरंतर सुदृढ़ किया गया। जहाँ भी किसी विद्यार्थी को कठिनाई हुई, वहाँ विशेष ध्यान देकर उसकी समस्या का समाधान किया गया।


धीरे-धीरे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ने लगा। जो बच्चे प्रारम्भ में कठिन प्रश्नों से घबराते थे, वे अब उन्हें सहजता से हल करने लगे। उनकी लगन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम ने सफलता की मजबूत नींव तैयार कर दी।


परिणाम घोषित होने का दिन विद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम क्षण बन गया। NMMSS परीक्षा में सम्मिलित सभी पाँचों विद्यार्थी सफल घोषित हुए। विद्यालय ने शत-प्रतिशत परिणाम (100% सफलता) प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन या विद्यालय की भव्यता की मोहताज नहीं होती। उचित मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी किसी से कम नहीं हैं।


यह सफलता केवल पाँच विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विद्यालय परिवार, अभिभावकों और उन सभी लोगों की सफलता है जिन्होंने इस यात्रा में सहयोग दिया। आज यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है तथा यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता अवश्य मिलती है।

आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो महसूस करता हूँ कि यदि उस समय हतोत्साहित करने वाली बातों को सच मान लिया होता, तो शायद यह सफलता नहीं मिलती। इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि सफलता विद्यालय की इमारत नहीं, बल्कि शिक्षक के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत से तय होती है।


🏆 उपलब्धि

5 में से 5 विद्यार्थी सफल — शत-प्रतिशत परिणाम (100%)


"जहाँ विश्वास, परिश्रम और समर्पण एक साथ चलते हैं, वहाँ सफलता स्वयं रास्ता बना लेती है।" 🌟📚🏆

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