SAURABH KUMAR (सौरभ कुमार )
ID: a25191f5e7e3

NMMSS 2025–26 के सितारे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

  • Gender: 👨 Male
  • Class / Role: 👩‍🏫 Teacher
  • School: 🏫 PMSHRI BARI AADRASH INTERLEVEL SCHOOL SANHOULA BHAGALPUR (पीएम श्री बारी आदर्श इंटरस्तरीय विद्यालय संहौला, भागलपुर )
  • District & Block: 📍 BHAGALPUR, SANHAULA
  • Applied Category: 📝 Teachers
संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरक कहानी

संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरक कहानी

बारहवीं कक्षा का अंग्रेजी माध्यम का छात्र कमर मुर्तज़ा अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए विद्यालय में जाना जाता था। आर्थिक और संसाधनों की सीमाओं के बावजूद उसने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। वह नियमित रूप से विद्यालय में कक्षाओं में उपस्थित रहता था और शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए प्रत्येक विषय को ध्यानपूर्वक समझने का प्रयास करता था।
विद्यालयी अध्ययन के साथ-साथ कमर ने डिजिटल माध्यमों का भी भरपूर उपयोग किया। वह ऑनलाइन नोट्स, शैक्षणिक वीडियो और अध्ययन सामग्री के माध्यम से अपनी तैयारी को और मजबूत बनाता रहा। विशेष रूप से कला संकाय के अर्थशास्त्र विषय में उसकी गहरी रुचि थी। वह कठिन से कठिन अवधारणाओं को समझने के लिए अतिरिक्त समय देता और निरंतर अभ्यास करता था।
बोर्ड परीक्षा नजदीक आने पर उसने परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। उसकी मेहनत रंग लाई और जब परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, तब उसने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय के टॉपरों की श्रेणी में अपना नाम दर्ज कराया।

बोर्ड परीक्षा तैयारी से जुड़ी एक किस्सा है आपसे साझा कर रहा हूँ। एक बार की बात है कमर मुर्तजा परीक्षा की तैयारी और परीक्षा में उपस्थित होने के लिए भागलपुर के एक लॉज में रुका था और दूसरे दिन परीक्षा होनी थी परंतु उसी रात उसके सहपाठी का अचानक पेट में दर्द उठ गया बिना देर किये उन्होंने सहपाठी को अस्पताल में एडमिट करवाया रात भर उसके साथ रहा और सुबह जब 4:00 बजे लॉज पहुंच थोड़ा सा आराम के बाद वह उसी दिन परीक्षा थी शामिल होने सेंटर पर जा पंहुचा।
..कहते है ना छात्र शिक्षक का सबसे अच्छा मित्र होता है और इसका जीता जागता उदाहरण उस समय महसूस हुआ जब वह  परीक्षा में शामिल होने के लिए पूरे साहस के साथ उपस्थित हुआ इसके पूर्व मेरे द्वारा जो बच्चों को समय-समय पर गाइड किया गया नोट्स उपलब्ध कराये गये वो बहुत काम आया और वह बच्चा बिना किसी डर के परीक्षा में सम्मिलित हुआ और बच्चों ने ईमानदारी एवं विश्वास के साथ तैयारी किया अब बारी थी परिणाम की जब बोर्ड परीक्षा का परिणाम आया तो कमर मूर्तज़ा को विद्यालय में उत्कृष्ट  400 अंक प्राप्त हुआ। आपके द्वारा पढ़ाये बच्चें जब विद्यालय में टॉपर बनते है तब मन प्रफुल्लित हो उठता है लगता है शिक्षण कार्य  सही और सार्थक दिशा में हो रहा है।
अपने घर में इकलौता कमाने वाला होने के कारण पढ़ाई के साथ-साथ  ट्यूशन देकर घर खर्च में अम्मी का सहयोग करता था। पढ़ाई के साथ- साथ घर की जिम्मेदारी को भी बच्चे ने बखूबी निभाया।
कमर मुर्तज़ा की सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि विद्यार्थी कक्षा शिक्षण के साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों का सही उपयोग करे तथा निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास बनाए रखे, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उसकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सही दिशा में किया गया प्रयास अवश्य सफलता दिलाता है।
                     सौरभ कुमार
            विद्यालय अध्यापक (11-12)
पीएम श्री बारी आदर्श इंटरस्तरीय विद्यालय संहौला, भागलपुर 

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