Divyanshu Jha (दिव्यांशु झा )
ID: 6d5cc9ea6346NMMSS 2025–26 के सितारे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा
- Gender: 👩 Female
- Class / Role: 👥 Others
- School: 🏫 Upgraded high school Mahishi isar tol vibhutipur, samastipur (उत्कर्मित उच्च विद्यालय महिषी ईसर टोल विभूतिपुर,समस्तीपुर )
- District & Block: 📍 SAMASTIPUR, BIBHUTIPUR
- Applied Category: 📝 Class VIII
मेरा शैक्षणिक सफर
मैं एक सामान्य छात्रा हूं । मेरी सफलता किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं,बल्कि लगातार किए गए छोटे – छोटे प्रयासों का परिणाम है। पढ़ाई के दौरान मुझे अपने शिक्षकों और परिवार का मार्गदर्शन मिला, जिसकी बदौलत मुझे वर्ष 2024 के एनएमएमएस परीक्षा में सफलता प्राप्त हुई।
इस परीक्षा में सफलता मिलने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। इस छोटी जीत से मैं समझ पाई कि, मेहनत का फल अवश्य मिलता है। इससे मुझे अपनी पढाई के प्रति गंभीर तथा समर्पित बनने की प्रेरणा मिली।
पढ़ाई के दौरान मैंने नियमत्ता और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया । मैने प्रतिदिन स्वनिर्मित स्वस्थ समय सारणी का पालन किया । साथ ही माता – पिता के योगदान और मेरे शिक्षकों विशेषकर मेरी आदरणीय शिक्षिका के मार्गदर्शन से मुझे अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने में सहायता मिली।
एक लड़की होने के नाते मुझे समाज में प्रचलित कुछ धारणाओं का भी सामना करना पड़ा । कई बार यह सुनने को मिलता था, कि लड़कियां इतना पढ़ कर क्या करेंगी या, उन्हें आगे पढ़ाने की क्या आवश्यकता है? आर्थिक परिस्थिति भी कभी कभी आगे बढ़ने की राह में बाधा बनती थी।
इन परिस्थितियों ने मुझे निराश करने की बजाय और अधिक दृढ़ बनाया । मैने यह निश्चय किया कि शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को पूरा करूंगी और अपनी मेहनत से यह सिद्ध करूंगी की अवसर मिलने पर लड़कियां भी हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती है।
फलतः वर्ष 2026 में आयोजित 10 वी बोर्ड परीक्षा में 94.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मैने अपने विद्यालय और पंचायत में प्रथम स्थान प्राप्त किया ।
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ मैने सह– पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लिया । इसी क्रम में मुझे कला उत्सव की जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने का सौभाग्य मिला । इस उपलब्धि ने मुझे यह सिखाया कि, यदि समय का उचित प्रबंधन किया जाय तो ,पढ़ाई के साथ अपनी रुचियों को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
मेरी इस यात्रा में मुझे मिली हर सफलता और विफलता से मैने आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त किया है । मेरा विश्वास है कि निरंतर प्रयास और धैर्य हमे अपने लक्ष्य के करीब ले जाते हैं ।बस हमे खुद पर भरोसा रखने की जरूरत है।
इन्ही भावनाओ को मैने अपनी एक छोटी – सी कविता में व्यक्त करने का प्रयास किया है।–
मैं एक बीज हूं ,उम्मीदों से भरी हुई, मिट्टी से ढकी हूं ,पर सपनों से घिरी हुई।
धूप की तपिश में भी मुस्कुराना जानती हूं, आंधियों के बीच अपना रास्ता पहचानती हूं।
आज भले खामोश अंधेरे में पड़ी हूं , कल नई सुबह बनकर धरती पर खड़ी हूं।
हर ठोकर मुझे मजबूत बनाती है, मेरे भीतर की हिम्मत फिर अंकुर बन जाती है।