Abhishek Kumar (अभिषेक कुमार )
ID: 4bb106865b50

NMMSS 2025–26 के सितारे: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

  • Gender: 👨 Male
  • Class / Role: 🎓 Class 5
  • School: 🏫 Middle school Maskan Bararipur (मध्य विद्यालय मसकन बरारीपुर )
  • District & Block: 📍 BHAGALPUR, NAGAR NIGAM
  • Applied Category: 📝 Teachers
छुटकारा

मैं रोज की तरह अपने विद्यालय में चेतना सत्र में बच्चों के सुविचार पर चर्चा कर रहा था।इसी दौरान एक बच्चे ने " नशे से नाता तोड़ो, अपनों से रिश्ता जोड़ो" का सुविचार रखा। मैंने बच्चों से इस संदर्भ में नशे की बुरी लत और इसके नुकसान के बारे में बताया। मैंने बच्चों को समझाया कि कोई भी नशा हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकर है।                                                  बात आई गई हो गयी। फिर एक दिन मेरे एक छात्र प्रिंस कुमार रजक ने मुझे एक बात बतायी। उसने बताया कि सर , जब उस दिन आपने नशे की बुरी आदत और उसके नुकसान के बारे में बताया तो मैंने भी अपने पिता जी की तम्बाकू की लत को छुड़ाने की ठान ली। पिताजी जब भी मेरे सामने तम्बाकू खाने के लिए निकालते तो मैं भी उनसे खाने को तम्बाकू मांगता। इसपर पिताजी मुझे डांट दिया करते थे, पर फिर वो खा लेते। अब तो मैं भी जिद कर बैठा कि इस बार मैं उनके साथ ही तम्बाकू खाऊंगा। एक दिन फिर जब पिताजी तम्बाकू खाने लगे तो मैंने भी जिद करी कि मुझे भी खाने दो। तब पिताजी ने मुझे बताया कि बेटा यह अच्छी चीज नहीं है, एक तरह का नशा है। इसपर मैंने पिताजी से कहा " मैं भी तो आपको यही समझाने का प्रयास कर रहा हूं कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। मेरे स्कूल के सर ने हमलोग को नशा से रिश्ता तोड़ने के लिए कहा है। आपको इसके कारण कोई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी तो फिर हमारे परिवार को कौन संभालेगा?  यह सुनकर पिताजी की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने मुझे गले से लगाया और उसी दिन से तम्बाकू छोड़ने की कसम खाई।                      प्रिंस की बातें सुनकर मुझे उसपर बहुत गर्व हुआ। मैंने चेतना सत्र में यह घटना सारे बच्चों के बीच प्रेरक प्रसंग के रूप में रखी। सबने प्रिंस की बहुत तारीफ की। उस दिन मुझे यह अहसास हुआ कि एक शिक्षक की भूमिका बच्चों को सही दिशा देने में कितना महत्वपूर्ण है।               ..........

                   - अभिषेक कुमार 

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