ASHISH AMBAR (आशीष अम्बर )
ID: bec805826699

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आलेख लेखन एवं संस्मरण लेखन प्रतियोगिता

  • Gender: 👨 Male
  • Class / Role: 🎓 Class 5
  • School: 🏫 U.M.S. DHANUSHI (उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी )
  • District & Block: 📍 DARBHANGA, KEOTI
  • Applied Category: 📝 Teacher
योग का महत्व

योग  का हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही महत्व है । 21 जून 2015 से हर वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग् दिवस मनाया जाता है । वर्ष 2026 के योग दिवस का थीम है :- स्वस्थ आयु के लिए योग । 

" योगस्थः कुरु कर्माणि संग त्यक्तवा धनंजय । सिद्धयसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते ॥"

"गीता में भगवान कृष्ण धनंजय यानी अर्जुन को योग का उपरोक्त अर्थ बताते दिखते हैं कि हे धनंजय , कर्म न करने का आग्रह त्याग कर, यश - अपयश के विषय में समबुद्धि होकर योग युक्त होकर कर्म कर  ( क्योंकि) समत्व को ही योग कहते हैं"  

दैनिक जीवन में यह केवल व्यायाम ही नहीं है बल्कि इस जगत और प्रकृति में स्वयं को एकात्म की भावना को खोजने का माध्यम भी है । महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित योग विद्या भारतीय प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है । यह मन और शरीर के एकात्म का प्रतीक है । इसके द्वारा कार्य और विचारों में संयम और समग्रता ; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य तथा स्वास्थ्य के लिए एक व्यवहारिक दृष्टिकोण स्थापित होता है । इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि योग स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक अत्यंत उपयोगी साधन है । योग वास्तव में  स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अत्यंत उपयोगी निवारक उपाय साबित हो सकता है । आधुनिक जीव शैली के अनेक रोगों जैसे - मधुमेह, अनियमित रक्तचाप , अनिद्रा , अवसाद एवं मोटापा जैसे रोगों के होने से पहले ही इसे योग द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है । योग के अन्तर्गत सूर्य-नमस्कार, अनुलोम-विलोम, विभिन्न आसन जैसे - चक्रासन , शीर्षासन, सुखासन , पद्मासन, भुजंगासन, शलभासन, वज्रासन इत्यादि आते हैं । अगर हम अपने बच्चों को बचपन से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करेंगे तो निश्चित तौर पर रोगों की संख्या कम होगी और हम अपने संसाधनों के भीतर सबके स्वास्थ्य की देखभाल कर सकेंगे, इसलिए प्राइमरी स्कूलों में स्वास्थ्य - शिक्षा दिया जाना एक बेहतर रणनीति है । हालाँकि इसके और भी तरीके हो सकते हैं जैसे खेलों के विभिन्न तरीकों पर योग को जिस तरह कम साधनों में सिखाया जा सकता है और जिस तरह से यह हमें अनुशासित करता है उसे अपनाया जाना आसान है । योग एक सम्पूर्ण व्यायाम है जो शरीर के सभी अंगों , साँसों से लेकर मन तक को मजबूत कर सकता है , यह शारीरिक के साथ मानसिक विकास में भी सहायक है । वास्तव में योग का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग से हमें अनेक रोगों में प्रत्यक्ष रूप से लाभकारक और सदुपयोगी प्रतीत होता है ।

आशीष अम्बर

जिला - दरभंगा 

बिहार