Khushboo Kumari (खुशबू कुमारी )
ID: 188eb191c983

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आलेख लेखन एवं संस्मरण लेखन प्रतियोगिता

  • Gender: 👩 Female
  • Class / Role: 👩‍🏫 Teacher
  • School: 🏫 Middle school gola panchayat J P colony chandwara Muzaffarpur (मध्य विद्यालय गोला पंचायत जे पी कॉलोनी चंदवारा मुजफ्फरपुर )
  • District & Block: 📍 MUZAFFARPUR, MUSHARI
  • Applied Category: 📝 Teacher
Selected Under: Teacher Marks: 7/10
योग: भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर

योग: भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर 

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योग सच में भारतीय संस्कृति की सबसे अमूल्य धरोहर है, जिसकी जड़ें हजारों साल पुरानी है। महर्षि पतञ्जलि के अनुसार चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि सम्पूर्ण शरीर, मन और आत्मा के बीच संबंध बनाने की जीवनशैली है।


प्राचीन दर्शन 

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भारत में योग की उत्पत्ति प्राचीन काल में ही हुई थी। वेदों और उपनिषदों में भी योग की व्याख्या की गई है। भारतीय संस्कृति के अनुसार भगवान शिव को आदियोगी कहा जाता है। मान्यता है कि उन्होंने ही सबसे पहले सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया था।

महाभारत के युद्ध के समय भी भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को 3 प्रकार के योग:-

कर्म योग (अपने कर्म को प्रधानता देना)

ज्ञान योग (जहाँ से भी हो ज्ञान अर्जित करना)

और भक्ति योग (अपने कर्म और ज्ञान के साथ साथ अपने आराध्य पर विश्वास करना)के विषय में बतलाया था।

महर्षि पतञ्जलि ने भी अष्टांगयोग में 8 प्रकार के योग के विषय में बतलाया है जिसमें नियम, साधना, ध्यान, प्राणायाम, आसन इत्यादि का उल्लेख किया गया है।

ऋषि मुनि भी साधना करने के लिए योगासन में ही बैठते थे। जिसका मूल उद्देश्य आत्म- साक्षात्कार, मानसिक शान्ति और मोक्ष प्राप्त करना था।


वैश्विक सम्मान और मान्यता 

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भारतीय संस्कृति "सर्वे भवन्तु सुखिनाः" के सिद्धांतों पर टिकी हुई है। योग इन सिद्धांतों को साकार करने का एक अच्छा माध्यम है। यह मनुष्य को प्रकृति से भी जोड़ता है। 

योग आज भारत की सीमा से निकलकर पूरे विश्व में एक स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपनाया जा रहा है। यह भारत के लिए एक गर्व की बात है की आज उसके द्वारा लगाया गया योग रूपी बीज पूरे विश्व में फल फूल रहा है।भारत में प्रत्येक वर्ष 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। युनेस्को ने भी इसे अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल कर लिया है, जो हमारे लिए बहुत गर्व की बात है।


लाभ 

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प्रतिदिन योग करने से हमारा शरीर लचीला, स्वस्थ्य, मजबूत और निरोग तो बनता ही है साथ ही साथ मानसिक शान्ति और स्थिरता भी मिलती है। हमारा चित्त स्थिर बनता है और कार्य करने में एकाग्रता आती है। निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार आता है ।

योग से चिन्ता और अवसाद भी दूर हो जाते हैं साथ ही साथ तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स खत्म हो जाते हैं।

यह व्यक्ति को आत्म साक्षात्कार की ओर ले जाता है। योग से आंतरिक शांति और सुख की भी अनुभूति होती है।


निष्कर्ष 

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योग भारतीय संस्कृति के द्वारा विश्व को दिया गया स्वास्थ्य, शान्ति और सद्भाव का एक अमूल्य उपहार है। जो केवल आसनों तक सीमित नहीं है बल्कि एक सकारात्मक जीवन शैली है।

आज जब पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और बीमारियों से जूझ रही है तब योग ही वह मार्ग है जो शांति और कल्याण का मार्ग दिखा सकता है। एक भारतीय होने के नाते हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम सब मिलकर योग को जन जन तक पहुंचाए और इसे अपने जीवन का एक अमूल्य हिस्सा बनाएं ।

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