Patna, Bihar, India An Education Community Initiative
KUMARI POOJA OJHA (कुमारी पूजा ओझा )
ID: 9efe89cad810

शिक्षा के गुमनाम नायक

  • Gender: 👩 Female
  • Class / Role: 👩‍🏫 Teacher
  • School: 🏫 Sarswati vidya Niketan Model High school, Murar (सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय, मुरार )
  • District & Block: 📍 BUXAR, CHAUGAI
  • Applied Category: 📝 स्वयं शिक्षक
Competition Photos
Exclusive Teacher

एक सरकारी विद्यालय की शिक्षिका के रूप में मेरी शैक्षणिक यात्रा का  शुभारंभ होता है  20 जून 2013 से, जब मैंने पहली बार प्लस टू हाई स्कूल मुरार, प्रखंड चौगाईं में अंग्रेजी विषय की शिक्षिका के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। उस समय मैं विद्यालय में पदस्थापित होने वाली पहली और एकमात्र महिला शिक्षिका थी। मेरे विद्यालय में आने से विशेषकर बच्चियों में बहुत उत्साह और खुशी का माहौल था, क्योंकि उन्हें पहली बार एक महिला शिक्षिका का मार्गदर्शन मिलने वाला था। 

लेकिन मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती अंग्रेजी विषय को लेकर थी। बिहार बोर्ड में कक्षा 9 और 10 में अंग्रेजी अनिवार्य विषय नहीं है, इसलिए बच्चे इस विषय को गंभीरता से नहीं लेते । ग्रामीण परिवेश से आने के कारण उन्हें अंग्रेजी बोलने-सुनने और सीखने का पर्याप्त वातावरण भी नहीं मिल पाता है। परिणामस्वरूप उनमें अंग्रेजी सीखने के प्रति झिझक और अरुचि बनी रहती हैं| मैंने बच्चों की इस समस्या को समझा और उन्हें समझाया कि अंग्रेजी अनिवार्य विषय नहीं है, इसलिए हमारे पास एक अवसर भी है—दो वर्षों में हम बिल्कुल शून्य स्तर से अंग्रेजी सीख सकते हैं। मैंने बच्चों के मन से अंग्रेजी के डर को निकालने का प्रयास किया और किताबों तक सीमित रहने के बजाय इसे गतिविधियों से जोड़ दिया।

मैंने बच्चों को सिखाया कि अंग्रेजी केवल किताब में नहीं, बल्कि हमारे चारों ओर मौजूद है। घर और विद्यालय में दिखाई देने वाली वस्तुओं, सब्जियों, सामान और दैनिक जीवन की चीजों के नाम अंग्रेजी में सीखने के लिए प्रेरित किया। मैंने उनसे कहा जो भी चीज़ देखो उसको अंग्रेजी में देखो, सोचो, और बोलो. शब्दावली और स्पेलिंग को आसान बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ कराईं, जैसे बोर्ड रेस, नॉट एंड क्रॉस, पिक द चिट एंड आंसर, डंब शराड्स आदि। इसके साथ ही स्टोरी टेलिंग, रोल प्ले, डायलॉग और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी को बच्चों के लिए रुचिकर और आनंददायक बनाने का निरंतर प्रयास किया।

मेरे लिए सबसे सुखद क्षण वह होता है, जब नामांकन के कुछ महीनों के प्रयास के बाद बच्चे स्वयं अंग्रेजी में मुझे उत्तर देने लगते हैं। उस समय मुझे महसूस होता है कि मेरी मेहनत सही दिशा में जा रही है और बच्चों के भीतर सीखने का आत्मविश्वास पैदा हो रहा है।

अंग्रेजी शिक्षण के साथ-साथ विद्यालय में अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मैंने सखी सहायता डेस्क और करियर गाइडेंस, जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चियों को उनके स्वास्थ्य, करियर, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। बच्चों से आत्मीय रूप से जुड़ने के लिए मैं प्रत्येक बच्चे के जन्म दिन पर उपहार तो नहीं दे पाती पर ब्लैक बोर्ड पर उनके लिये केक बनाना, उनको special feel करवाना मेरी प्राथमिकता रहती है |

मेरी यात्रा का एक अनुभव आज भी मेरे लिए बेहद विशेष है। एक बार दूसरे प्रखंड से एक शिक्षिका ट्विनिंग कार्यक्रम के लिए हमारे विद्यालय आईं। उन्होंने बताया कि उस दौरान विद्यालय की बच्चियाँ बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं। जब उन्होंने पूछा कि उन्होंने यह सब कैसे सीखा, तो बच्चियाँ बार-बार कह रही थीं—“मैंने यह पूजा मैम से सीखा है।” उस समय मैं विद्यालय में उपस्थित नहीं थी। शिक्षिका ने बाद में मुझसे कहा कि हम सभी सोच रहे थे कि आखिर ये पूजा मैम कौन हैं? जिनका नाम बच्चियाँ इतनी बार ले रही हैं।  

मेरे लिए यह किसी पुरस्कार से कम नहीं था। मेरी अनुपस्थिति में भी बच्चों के द्वारा मुझे याद करना और मेरे द्वारा सिखाई गई बातों को अपने प्रदर्शन में उतारना मेरे शिक्षक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

मैं अपनी इन बातों को इसलिए साझा करना चाहती हूँ कि मेरा उद्देश्य केवल किसी पुरस्कार को प्राप्त करना नहीं है। मेरा वास्तविक उद्देश्य है कि मेरे छोटे-छोटे नवाचार दूसरे शिक्षकों तक पहुँचें और वे भी अपनी परिस्थितियों के अनुसार इनका प्रयोग करें।